
रसोई गैस (एलपीजी) की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी हुई है, जिससे आम आदमी और व्यापारियों की जेब पर सीधा असर पड़ा है। सरकारी तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) ने मार्च 2026 में घरेलू और व्यावसायिक दोनों तरह के सिलेंडरों के दाम बढ़ा दिए हैं। यह बढ़ोतरी करीब 11 महीनों में पहली बार हुई है, जो वैश्विक ऊर्जा बाजार में उत्पन्न अस्थिरता और मध्य पूर्व के बढ़ते संकट को दर्शाती है।
तेल कंपनियां हर महीने की शुरुआत में एलपीजी कीमतों की समीक्षा करती हैं। 7 मार्च, 2026 से लागू इन नई दरों के बाद देश के अलग-अलग महानगरों में सिलेंडर की कीमतों में भिन्नता देखने को मिल रही है, क्योंकि राज्य स्थानीय करों के आधार पर दरें तय करते हैं। आइए जानते हैं आपके शहर में नई दरें क्या हैं और यह बढ़ोतरी क्यों हुई।
कितनी बढ़ीं कीमतें? (मार्च 2026 नई दरें)
सबसे पहले जानते हैं कि नई दरों के बाद आपको अपने शहर में गैस सिलेंडर के लिए कितने रुपये चुकाने होंगे। नीचे दी गई तालिका में चार प्रमुख महानगरों की ताजा दरें दी गई हैं।
| महानगर | घरेलू एलपीजी दर (14.2 किलो सिलेंडर) | व्यावसायिक एलपीजी दर (19 किलो सिलेंडर) |
|---|---|---|
| दिल्ली | ₹ 913 | ₹ 1883 |
| कोलकाता | ₹ 939 | ₹ 1990 |
| मुंबई | ₹ 912.5 | ₹ 1835 |
| चेन्नई | ₹ 928.5 | ₹ 2043.5 |
क्या बदला? (दिल्ली के संदर्भ में):
-
घरेलू (14.2 किलो): पिछले मूल्य ₹853 से बढ़कर अब ₹913 हो गया है। यानी एक सिलेंडर पर ₹60 का अतिरिक्त भार।
-
व्यावसायिक (19 किलो): 1 मार्च को ही व्यावसायिक सिलेंडर के दाम ₹28 बढ़ाए गए थे, और अब मार्च में ही दूसरी बढ़ोतरी में इसमें ₹114.5 की और वृद्धि हुई है, जिससे यह ₹1768.5 से बढ़कर ₹1883 हो गया है। इस साल अब तक कुल मिलाकर दिल्ली में 19 किलो वाले सिलेंडर पर ₹302.5 की बढ़ोतरी हो चुकी है।
क्यों बढ़े एलपीजी के दाम? (मूल कारण)
इस बढ़ोतरी के पीछे मुख्य रूप से दो बड़े कारण हैं, जो सीधे तौर पर अंतरराष्ट्रीय बाजार से जुड़े हैं।
-
मध्य पूर्व संकट का असर: भारत अपनी अधिकांश एलपीजी जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर करता है। मध्य पूर्व में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव (जैसे ईरान और इजराइल के बीच बढ़ती दुश्मनी) ने कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावित किया है। इस अनिश्चितता का सीधा असर वैश्विक ऊर्जा कीमतों पर पड़ा है, जिसका नतीजा भारतीय उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है।
-
सऊदी कॉन्ट्रैक्ट प्राइस (Saudi Contract Price – CP): सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह मूल्य वृद्धि सऊदी कॉन्ट्रैक्ट प्राइस में हुई भारी बढ़ोतरी के कारण हुई है। यह सीपी एक अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क है, जिसके आधार पर एलपीजी कार्गो के आयात की लागत तय होती है। पिछले कुछ महीनों में इसमें उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिसे कंपनियों को घरेलू बाजार में समायोजित करना पड़ा है।
पिछले एक साल में कैसे बदले व्यावसायिक एलपीजी के दाम?
व्यावसायिक सिलेंडर (19 किलो) की कीमतों में उतार-चढ़ाव घरेलू सिलेंडर की तुलना में अधिक देखा जाता है। नीचे दी गई तालिका से आप अंदाजा लगा सकते हैं कि पिछले एक साल में चार महानगरों में ये दरें कैसे बदली हैं।
| महीना | दिल्ली (₹) | कोलकाता (₹) | मुंबई (₹) | चेन्नई (₹) |
|---|---|---|---|---|
| 01 मार्च, 2026 | 1768.5 | 1875.5 | 1720.5 | 1929 |
| 01 फरवरी, 2026 | 1740.5 | 1844.5 | 1692 | 1899.5 |
| 01 जनवरी, 2026 | 1691.5 | 1795 | 1642.5 | 1849.5 |
| 01 दिसंबर, 2025 | 1580.5 | 1684 | 1531.5 | 1739.5 |
| 01 नवंबर, 2025 | 1590.5 | 1694 | 1542 | 1750 |
| 01 अक्टूबर, 2025 | 1595.5 | 1700.5 | 1547 | 1754.5 |
| 01 सितंबर, 2025 | 1580 | 1684 | 1531.5 | 1738 |
| 01 अगस्त, 2025 | 1631.5 | 1734.5 | 1582.5 | 1789 |
| 01 जुलाई, 2025 | 1665 | 1769 | 1616.5 | 1823.5 |
| 01 जून, 2025 | 1723.5 | 1826 | 1674.5 | 1881 |
| 01 मई, 2025 | 1747.5 | 1851.5 | 1699 | 1906 |
| 01 अप्रैल, 2025 | 1762 | 1868.5 | 1713.5 | 1921.5 |
| 01 मार्च, 2025 | 1803 | 1913 | 1755.5 | 1965 |
क्या राहत की कोई बात है?
इस महंगाई के बीच सरकार ने एक राहत भरी खबर भी दी है। सूत्रों के मुताबिक, उज्ज्वला योजना के तहत मिलने वाली सब्सिडी पर कोई असर नहीं पड़ा है। उज्ज्वला लाभार्थियों को प्रति सिलेंडर ₹300 की सब्सिडी पहले की तरह मिलती रहेगी।
कौन तय करता है कीमतें और कैसे?
भारत में एलपीजी की खुदरा कीमतें सरकारी स्वामित्व वाली तेल विपणन कंपनियां – इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंडस्टन पेट्रोलियम (HPCL) – मिलकर तय करती हैं। ये कंपनियां हर महीने की शुरुआत में अंतरराष्ट्रीय बाजार के रुझान और डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति को देखते हुए दरों की समीक्षा करती हैं और जरूरत पड़ने पर बीच महीने में भी संशोधन कर सकती हैं।
सुविधाजनक सेवाएं: ऐसे बुक करें और जानें कीमत
अगर आप नवीनतम कीमत जानना चाहते हैं या गैस बुक करना चाहते हैं, तो इसके लिए कई डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध हैं।
-
मोबाइल ऐप्स: तीनों कंपनियों के अपने-अपने मोबाइल ऐप (जैसे इंडियन ऑयल का ‘इंदाने ऐप’) हैं, जिनके जरिए आप आसानी से रिफिल बुक कर सकते हैं।
-
व्हाट्सएप सेवा: कई कंपनियों ने व्हाट्सएप नंबर भी जारी किए हैं, जिन पर मैसेज करके आप सिलेंडर बुक कर सकते हैं या अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
-
मिस्ड कॉल सेवा: अपने नजदीकी गैस एजेंसी के मिस्ड कॉल नंबर पर मिस्ड कॉल देकर भी आप रिफिल बुक कर सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न: 7 मार्च 2026 को एलपीजी की कीमतों में क्या बदलाव हुआ?
उत्तर: इस दिन घरेलू (14.2 किलो) और व्यावसायिक (19 किलो) दोनों तरह के एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में बढ़ोतरी की गई।
प्रश्न: घरेलू एलपीजी की कीमतों में इतने लंबे समय बाद बढ़ोतरी क्यों हुई है?
उत्तर: 7 मार्च 2026 को हुई यह बढ़ोतरी, करीब 11 महीनों में पहली बार हुई है। यह वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल और गैस की कीमतों में आई तेजी और मध्य पूर्व के चल रहे संकट का परिणाम है।
प्रश्न: भारत में एलपीजी की कीमतें कौन तय करता है?
उत्तर: सार्वजनिक क्षेत्र की तीन प्रमुख तेल विपणन कंपनियाँ – इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) – मिलकर एलपीजी की कीमतें तय करती हैं।
प्रश्न: व्यावसायिक और घरेलू एलपीजी सिलेंडर में क्या अंतर है?
उत्तर: घरेलू एलपीजी सिलेंडर का वजन 14.2 किलोग्राम होता है और यह केवल घरेलू इस्तेमाल के लिए होता है। वहीं, व्यावसायिक सिलेंडर का वजन 19 किलोग्राम होता है और इसका इस्तेमाल होटल, रेस्तरां, कैंटीन और औद्योगिक इकाइयों में किया जाता है।
प्रश्न: क्या उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों पर इस बढ़ोतरी का असर पड़ेगा?
उत्तर: नहीं, सरकारी सूत्रों के अनुसार, उज्ज्वला योजना के तहत मिलने वाली ₹300 प्रति सिलेंडर की सब्सिडी जारी रहेगी। इस बढ़ोतरी का असर सब्सिडी राशि पर नहीं पड़ेगा।
प्रश्न: क्या एलपीजी की कीमतें हर महीने बदलती हैं?
उत्तर: हाँ, आमतौर पर तेल कंपनियां हर महीने की शुरुआत में कीमतों की समीक्षा करती हैं और अंतरराष्ट्रीय बाजार और विनिमय दर के अनुसार उनमें संशोधन कर सकती हैं।
प्रश्न: नवीनतम एलपीजी मूल्य की जानकारी मैं कैसे प्राप्त कर सकता/सकती हूँ?
उत्तर: आप अपनी संबंधित तेल कंपनी (इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम या हिंदुस्तान पेट्रोलियम) की आधिकारिक वेबसाइट, उनके मोबाइल ऐप या अपने स्थानीय गैस एजेंसी से संपर्क करके नवीनतम दरों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
निष्कर्ष
मार्च 2026 में एलपीजी की कीमतों में हुई यह बढ़ोतरी वैश्विक घटनाक्रमों की देन है, जिसका असर अब सीधे आम उपभोक्ता और कारोबारियों पर पड़ा है। हालांकि सरकार ने उज्ज्वला योजना के तहत सब्सिडी जारी रखकर गरीब परिवारों को कुछ हद तक सुरक्षा प्रदान की है। आने वाले महीनों में अंतरराष्ट्रीय स्थितियों पर ही एलपीजी की कीमतों की दिशा निर्भर करेगी। उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे अपनी तेल कंपनी के आधिकारिक ऐप या पोर्टल के जरिए नियमित अपडेट प्राप्त करते रहें।


